श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 93: श्रीराम द्वारा राक्षस सेना का संहार  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  6.93.18 
ततो रामो महातेजा धनुरादाय वीर्यवान्।
प्रविश्य राक्षसं सैन्यं शरवर्षं ववर्ष च॥ १८॥
 
 
अनुवाद
तब महाबली और पराक्रमी श्री राम ने अपना धनुष उठाया और राक्षसों की सेना में घुसकर बाणों की वर्षा आरम्भ कर दी।
 
Then the mighty and powerful Sri Rama took his bow and entered the army of demons and began a shower of arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)