श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 93: श्रीराम द्वारा राक्षस सेना का संहार  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  6.93.17 
राक्षसैर्वध्यमानानां वानराणां महाचमू:।
शरण्यं शरणं याता रामं दशरथात्मजम्॥ १७॥
 
 
अनुवाद
राक्षसों द्वारा मारी गई हुई वह विशाल वानरों की सेना दशरथनन्दन भगवान श्री राम की शरण में आ गई॥17॥
 
That huge army of monkeys, being killed by the demons, took shelter in the refuge of Dasharathanandan Lord Shri Ram. 17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)