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ramayan 6.92.8-9h: महाबाहु! आज मुझे सूर्यपुत्र प्रेतराज यमराज का महत्त्व समझ में आने लगा है, जिन्होंने तुम्हें कालरूपी धर्म से युक्त किया है।   |   ramayan सर्ग 6.92: रावण का शोक तथा सुपार्श्व के समझाने से उसका सीता-वध से निवृत्त होना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 92: रावण का शोक तथा सुपार्श्व के समझाने से उसका सीता-वध से निवृत्त होना  »  श्लोक 8-9h
 
 
श्लोक  6.92.8-9h 
अद्य वैवस्वतो राजा भूयो बहुमतो मम॥ ८॥
येनाद्य त्वं महाबाहो संयुक्त: कालधर्मणा।
 
 
अनुवाद
महाबाहु! आज मुझे सूर्यपुत्र प्रेतराज यमराज का महत्त्व समझ में आने लगा है, जिन्होंने तुम्हें कालरूपी धर्म से युक्त किया है।
 
Mahabahu! Today I have begun to understand the importance of the Pretraj Yama, the son of the Sun, who has united you with the Dharma of Time. 8 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)