Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.92.59-60h: उस दुष्ट कुबड़ी मन्थरा को धिक्कार है, जिसके विचार पाप से भरे हुए हैं, जिसके कारण मेरी सास कौशल्या को अपने पुत्र को खोने का दुःख देखना पड़ेगा।’ ॥59 1/2॥ | ramayan सर्ग 6.92: रावण का शोक तथा सुपार्श्व के समझाने से उसका सीता-वध से निवृत्त होना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस दुष्ट कुबड़ी मन्थरा को धिक्कार है, जिसके विचार पाप से भरे हुए हैं, जिसके कारण मेरी सास कौशल्या को अपने पुत्र को खोने का दुःख देखना पड़ेगा।’ ॥59 1/2॥
Curse on that wicked hunchbacked Manthra whose thoughts are full of sin, because of whom my mother-in-law Kausalya will have to witness the grief of losing her son.' ॥ 59 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥