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ramayan 6.92.57-58h: रोते हुए वह अपने महान पुत्र के जन्म, बचपन, युवावस्था, धर्म-कर्म और सुन्दरता का स्मरण करेगी।॥57 1/2॥   |   ramayan सर्ग 6.92: रावण का शोक तथा सुपार्श्व के समझाने से उसका सीता-वध से निवृत्त होना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.92.57-58h 
सा हि जन्म च बाल्यं च यौवनं च महात्मन:॥ ५७॥
धर्मकार्याणि रूपं च रुदती संस्मरिष्यति।
 
 
अनुवाद
रोते हुए वह अपने महान पुत्र के जन्म, बचपन, युवावस्था, धर्म-कर्म और सुन्दरता का स्मरण करेगी।॥57 1/2॥
 
‘While weeping she will recall the birth, childhood, youth, religious deeds and beauty of her great son.॥ 57 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)