Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.92.52-53h: क्योंकि उस समय मैंने राक्षसों की बहुत ही भयानक दहाड़ सुनी थी। बहुत से रात्रिचर प्राणी हर्ष से भरकर अपने प्रियजनों को पुकार रहे थे। 52 1/2।   |   ramayan सर्ग 6.92: रावण का शोक तथा सुपार्श्व के समझाने से उसका सीता-वध से निवृत्त होना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 92: रावण का शोक तथा सुपार्श्व के समझाने से उसका सीता-वध से निवृत्त होना  »  श्लोक 52-53h
 
 
श्लोक  6.92.52-53h 
भैरवो हि महान् नादो राक्षसानां श्रुतो मया॥ ५२॥
बहूनामिह हृष्टानां तथा विक्रोशतां प्रियम्।
 
 
अनुवाद
क्योंकि उस समय मैंने राक्षसों की बहुत ही भयानक दहाड़ सुनी थी। बहुत से रात्रिचर प्राणी हर्ष से भरकर अपने प्रियजनों को पुकार रहे थे। 52 1/2।
 
Because at this time I heard a very terrifying roar of demons. Many night creatures filled with joy were calling out to their loved ones. 52 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)