Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.92.48-49h: सीता दुःख में डूब गईं और विलाप करते हुए बोलीं- 'यह दुष्टबुद्धि राक्षस जिस प्रकार क्रोध में आकर स्वयं मेरी ओर दौड़ रहा है, उससे ऐसा प्रतीत होता है कि भली-भाँति सुरक्षित होने पर भी यह अनाथ की भाँति मुझे मार डालेगा।' | ramayan सर्ग 6.92: रावण का शोक तथा सुपार्श्व के समझाने से उसका सीता-वध से निवृत्त होना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सीता दुःख में डूब गईं और विलाप करते हुए बोलीं- 'यह दुष्टबुद्धि राक्षस जिस प्रकार क्रोध में आकर स्वयं मेरी ओर दौड़ रहा है, उससे ऐसा प्रतीत होता है कि भली-भाँति सुरक्षित होने पर भी यह अनाथ की भाँति मुझे मार डालेगा।'
Sita was drowned in sorrow and while lamenting she said - 'The way this evil-minded demon is himself running towards me in anger, it seems that in spite of being well-protected he will kill me like an orphan. 48 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥