vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 6: युद्ध काण्ड
»
सर्ग 92: रावण का शोक तथा सुपार्श्व के समझाने से उसका सीता-वध से निवृत्त होना
»
श्लोक 4-5h
श्लोक
6.92.4-5h
स तं प्रतिभयं श्रुत्वा वधं पुत्रस्य दारुणम्॥ ४॥
घोरमिन्द्रजित: संख्ये कश्मलं प्राविशन्महत्।
अनुवाद
युद्ध में अपने पुत्र इंद्रजीत की भयानक हत्या का वीभत्स एवं दुःखद समाचार सुनकर रावण गहरी अचेत अवस्था में चला गया।
On hearing the gruesome and tragic news of the dreadful killing of his son Indrajit in the war, Ravana fell into a deep unconscious state. 4 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×