श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 92: रावण का शोक तथा सुपार्श्व के समझाने से उसका सीता-वध से निवृत्त होना  »  श्लोक 4-5h
 
 
श्लोक  6.92.4-5h 
स तं प्रतिभयं श्रुत्वा वधं पुत्रस्य दारुणम्॥ ४॥
घोरमिन्द्रजित: संख्ये कश्मलं प्राविशन्महत्।
 
 
अनुवाद
युद्ध में अपने पुत्र इंद्रजीत की भयानक हत्या का वीभत्स एवं दुःखद समाचार सुनकर रावण गहरी अचेत अवस्था में चला गया।
 
On hearing the gruesome and tragic news of the dreadful killing of his son Indrajit in the war, Ravana fell into a deep unconscious state. 4 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)