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ramayan 6.92.36: मेरे पुत्र ने वानरों को धोखा देने के लिए माया से एक आकृति बनाकर कहा कि, "यह सीता है" और धोखे से उसे मार डाला॥ 36॥   |   ramayan सर्ग 6.92: रावण का शोक तथा सुपार्श्व के समझाने से उसका सीता-वध से निवृत्त होना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 92: रावण का शोक तथा सुपार्श्व के समझाने से उसका सीता-वध से निवृत्त होना  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  6.92.36 
मायया मम वत्सेन वञ्चनार्थं वनौकसाम्।
किंचिदेव हतं तत्र सीतेयमिति दर्शितम्॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
मेरे पुत्र ने वानरों को धोखा देने के लिए माया से एक आकृति बनाकर कहा कि, "यह सीता है" और धोखे से उसे मार डाला॥ 36॥
 
My son, merely to deceive the monkeys, used Maya to create a figure saying, "This is Sita" and falsely killed her.॥ 36॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)