Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.92.35: क्रोध से उसकी आँखें लाल हो गईं और उसका मुख अत्यन्त भयानक हो गया। चारों ओर देखकर वह अपने पुत्र के लिए दुःखी हुआ और समस्त रात्रिचर प्राणियों से करुण वाणी में बोला-॥35॥ | ramayan सर्ग 6.92: रावण का शोक तथा सुपार्श्व के समझाने से उसका सीता-वध से निवृत्त होना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
क्रोध से उसकी आँखें लाल हो गईं और उसका मुख अत्यन्त भयानक हो गया। चारों ओर देखकर वह अपने पुत्र के लिए दुःखी हुआ और समस्त रात्रिचर प्राणियों से करुण वाणी में बोला-॥35॥
His eyes became red with anger and his face looked extremely terrifying. Looking around, he felt sad for his son and spoke to all the night creatures in a pitiable voice -॥ 35॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥