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ramayan 6.92.27: तब राक्षसराज रावण अत्यन्त क्रोधित हो गया और राक्षसों को युद्ध में लगाने की इच्छा से उनके बीच में खड़ा होकर बोला - 27॥   |   ramayan सर्ग 6.92: रावण का शोक तथा सुपार्श्व के समझाने से उसका सीता-वध से निवृत्त होना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 92: रावण का शोक तथा सुपार्श्व के समझाने से उसका सीता-वध से निवृत्त होना  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  6.92.27 
तत: परमसंक्रुद्धो रावणो राक्षसाधिप:।
अब्रवीद् रक्षसां मध्ये संस्तम्भयिषुराहवे॥ २७॥
 
 
अनुवाद
तब राक्षसराज रावण अत्यन्त क्रोधित हो गया और राक्षसों को युद्ध में लगाने की इच्छा से उनके बीच में खड़ा होकर बोला - 27॥
 
Then the demon king Ravana became very angry and with the desire to engage the demons in the war, he stood among them and said - 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)