Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.92.19: जैसे वृत्रासुर के मुख से धुएँ सहित अग्नि प्रकट हुई थी, उसी प्रकार क्रोध से जम्भाई लेते हुए रावण के मुख से धुएँ सहित जलती हुई अग्नि प्रकट हुई॥19॥ | ramayan सर्ग 6.92: रावण का शोक तथा सुपार्श्व के समझाने से उसका सीता-वध से निवृत्त होना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे वृत्रासुर के मुख से धुएँ सहित अग्नि प्रकट हुई थी, उसी प्रकार क्रोध से जम्भाई लेते हुए रावण के मुख से धुएँ सहित जलती हुई अग्नि प्रकट हुई॥19॥
Just as fire with smoke had appeared from the mouth of Vritrasura, in the same way burning fire with smoke appeared from the mouth of Ravana, yawning with anger. 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥