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यौवराज्यं च लङ्कां च रक्षांसि च परंतप।
मातरं मां च भार्याश्च क्व गतोऽसि विहाय न:॥ १३॥
अनुवाद
हे शत्रुओं को पीड़ा देने वाले पुत्र! आज तुम अपना युवराजपद, लंकापुरी, समस्त राक्षस, अपनी माता, मुझे और अपनी स्त्रियों - हम सबको छोड़कर कहाँ चले गए?॥13॥
O son who torments the enemies! Where have you gone today, leaving behind your crown prince status, Lankapuri, all the demons, your mother, me and your wives - all of us?॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥