श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 91: लक्ष्मण और विभीषण आदि का श्रीरामचन्द्रजी के पास आकर इन्द्रजित के वध का समाचार सुनाना, प्रसन्न हुए श्रीराम के द्वारा लक्ष्मण को हृदय से लगाकर उनकी प्रशंसा तथा सुषेण द्वारा लक्ष्मण आदि की चिकित्सा  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  6.91.7 
श्रुत्वैव तु महावीर्यो लक्ष्मणेनेन्द्रजिद्वधम्।
प्रहर्षमतुलं लेभे वाक्यं चेदमुवाच ह॥ ७॥
 
 
अनुवाद
'लक्ष्मण द्वारा इन्द्रजित मारा गया' यह समाचार सुनकर महाबली श्री रामजी को अत्यन्त हर्ष हुआ और वे इस प्रकार बोले -॥7॥
 
On hearing the news that 'Indrajit has been killed by Lakshmana' the mighty Sri Rama felt immense joy and spoke thus -॥ 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)