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ramayan 6.91.28: उस समय भगवान् श्री राम, वानरराज सुग्रीव, विभीषण और पराक्रमी राक्षसराज जाम्बवान लक्ष्मण अपनी सेना सहित उसे स्वस्थ खड़ा देखकर बहुत प्रसन्न हुए॥28॥   |   ramayan सर्ग 6.91: लक्ष्मण और विभीषण आदि का श्रीरामचन्द्रजी के पास आकर इन्द्रजित के वध का समाचार सुनाना, प्रसन्न हुए श्रीराम के द्वारा लक्ष्मण को हृदय से लगाकर उनकी प्रशंसा तथा सुषेण द्वारा लक्ष्मण आदि की चिकित्सा   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 91: लक्ष्मण और विभीषण आदि का श्रीरामचन्द्रजी के पास आकर इन्द्रजित के वध का समाचार सुनाना, प्रसन्न हुए श्रीराम के द्वारा लक्ष्मण को हृदय से लगाकर उनकी प्रशंसा तथा सुषेण द्वारा लक्ष्मण आदि की चिकित्सा  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  6.91.28 
तदैव राम: प्लवगाधिपस्तथा
विभीषणश्चर्क्षपतिश्च वीर्यवान्।
अवेक्ष्य सौमित्रिमरोगमुत्थितं
मुदा ससैन्या: सुचिरं जहर्षिरे॥ २८॥
 
 
अनुवाद
उस समय भगवान् श्री राम, वानरराज सुग्रीव, विभीषण और पराक्रमी राक्षसराज जाम्बवान लक्ष्मण अपनी सेना सहित उसे स्वस्थ खड़ा देखकर बहुत प्रसन्न हुए॥28॥
 
At that time, Lord Shri Ram, the monkey king Sugriva, Vibhishan and the mighty Raksharaj Jambavan Lakshman along with their army were very happy to see him standing healthy. 28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)