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ramayan 6.91.27: फिर क्षण भर में बाण निकल गया और पीड़ा जाती रही तथा सुमित्रा का पुत्र स्वस्थ और निरोग होकर सुखी रहने लगा।   |   ramayan सर्ग 6.91: लक्ष्मण और विभीषण आदि का श्रीरामचन्द्रजी के पास आकर इन्द्रजित के वध का समाचार सुनाना, प्रसन्न हुए श्रीराम के द्वारा लक्ष्मण को हृदय से लगाकर उनकी प्रशंसा तथा सुषेण द्वारा लक्ष्मण आदि की चिकित्सा   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 91: लक्ष्मण और विभीषण आदि का श्रीरामचन्द्रजी के पास आकर इन्द्रजित के वध का समाचार सुनाना, प्रसन्न हुए श्रीराम के द्वारा लक्ष्मण को हृदय से लगाकर उनकी प्रशंसा तथा सुषेण द्वारा लक्ष्मण आदि की चिकित्सा  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  6.91.27 
तत: प्रकृतिमापन्नो हृतशल्यो गतक्लम:।
सौमित्रिर्मुमुदे तत्र क्षणेन विगतज्वर:॥ २७॥
 
 
अनुवाद
फिर क्षण भर में बाण निकल गया और पीड़ा जाती रही तथा सुमित्रा का पुत्र स्वस्थ और निरोग होकर सुखी रहने लगा।
 
Then, in a moment, the arrow came out and the pain went away and Sumitra's son became healthy and fit and started feeling happy. 27.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)