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ramayan 6.91.24: महात्मा श्री राम की यह बात सुनकर वानरराज सुषेण ने लक्ष्मण की नाक में एक बहुत अच्छी औषधि लगाई।   |   ramayan सर्ग 6.91: लक्ष्मण और विभीषण आदि का श्रीरामचन्द्रजी के पास आकर इन्द्रजित के वध का समाचार सुनाना, प्रसन्न हुए श्रीराम के द्वारा लक्ष्मण को हृदय से लगाकर उनकी प्रशंसा तथा सुषेण द्वारा लक्ष्मण आदि की चिकित्सा   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 91: लक्ष्मण और विभीषण आदि का श्रीरामचन्द्रजी के पास आकर इन्द्रजित के वध का समाचार सुनाना, प्रसन्न हुए श्रीराम के द्वारा लक्ष्मण को हृदय से लगाकर उनकी प्रशंसा तथा सुषेण द्वारा लक्ष्मण आदि की चिकित्सा  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  6.91.24 
एवमुक्त: स रामेण महात्मा हरियूथप:।
लक्ष्मणाय ददौ नस्त: सुषेण: परमौषधम्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
महात्मा श्री राम की यह बात सुनकर वानरराज सुषेण ने लक्ष्मण की नाक में एक बहुत अच्छी औषधि लगाई।
 
Upon hearing this from the great soul, Sri Rama, the monkey king Sushen applied a very good medicine to Lakshman's nose.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)