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ramayan 6.91.20: इस प्रकार भाई को आश्वासन देकर रघुकुल नन्दन श्री राम ने उन्हें गले लगा लिया और प्रसन्नतापूर्वक सुषेण को बुलाकर कहा-॥20॥   |   ramayan सर्ग 6.91: लक्ष्मण और विभीषण आदि का श्रीरामचन्द्रजी के पास आकर इन्द्रजित के वध का समाचार सुनाना, प्रसन्न हुए श्रीराम के द्वारा लक्ष्मण को हृदय से लगाकर उनकी प्रशंसा तथा सुषेण द्वारा लक्ष्मण आदि की चिकित्सा   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 91: लक्ष्मण और विभीषण आदि का श्रीरामचन्द्रजी के पास आकर इन्द्रजित के वध का समाचार सुनाना, प्रसन्न हुए श्रीराम के द्वारा लक्ष्मण को हृदय से लगाकर उनकी प्रशंसा तथा सुषेण द्वारा लक्ष्मण आदि की चिकित्सा  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  6.91.20 
स तं भ्रातरमाश्वास्य परिष्वज्य च राघव:।
राम: सुषेणं मुदित: समाभाष्येदमब्रवीत्॥ २०॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार भाई को आश्वासन देकर रघुकुल नन्दन श्री राम ने उन्हें गले लगा लिया और प्रसन्नतापूर्वक सुषेण को बुलाकर कहा-॥20॥
 
In this way, after giving assurance to his brother, Raghukul Nandan Shri Ram embraced him and happily called Sushen and said – ॥ 20॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)