Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.91.13-15h: 'वीर! तुमने अपने कठिन पराक्रम से अत्यन्त शुभ कार्य सम्पन्न किया है। आज मैं अपने पुत्र के मारे जाने के पश्चात् युद्धभूमि में रावण को भी मारा हुआ मानता हूँ। आज उस दुष्टबुद्धि शत्रु के वध से मैं सचमुच विजयी हो गया हूँ। यह सौभाग्य की बात है कि तुमने युद्धभूमि में इन्द्रजित का वध करके क्रूर राक्षस रावण की दाहिनी भुजा काट दी; क्योंकि वही उसका सबसे बड़ा आधार था।॥13-14 1/2॥ | ramayan सर्ग 6.91: लक्ष्मण और विभीषण आदि का श्रीरामचन्द्रजी के पास आकर इन्द्रजित के वध का समाचार सुनाना, प्रसन्न हुए श्रीराम के द्वारा लक्ष्मण को हृदय से लगाकर उनकी प्रशंसा तथा सुषेण द्वारा लक्ष्मण आदि की चिकित्सा । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कृतं परमकल्याणं कर्म दुष्करकर्मणा।
अद्य मन्ये हते पुत्रे रावणं निहतं युधि॥ १३॥
अद्याहं विजयी शत्रौ हते तस्मिन् दुरात्मनि।
रावणस्य नृशंसस्य दिष्टॺा वीर त्वया रणे॥ १४॥
छिन्नो हि दक्षिणो बाहु: स हि तस्य व्यपाश्रय:।
अनुवाद
'वीर! तुमने अपने कठिन पराक्रम से अत्यन्त शुभ कार्य सम्पन्न किया है। आज मैं अपने पुत्र के मारे जाने के पश्चात् युद्धभूमि में रावण को भी मारा हुआ मानता हूँ। आज उस दुष्टबुद्धि शत्रु के वध से मैं सचमुच विजयी हो गया हूँ। यह सौभाग्य की बात है कि तुमने युद्धभूमि में इन्द्रजित का वध करके क्रूर राक्षस रावण की दाहिनी भुजा काट दी; क्योंकि वही उसका सबसे बड़ा आधार था।॥13-14 1/2॥
‘Valiant! You have accomplished a very auspicious task with your difficult feat. Today, after the death of my son, I consider Ravana also killed in the battlefield. Today, with the killing of that evil-minded enemy, I have become truly victorious. It is a matter of good fortune that after killing Indrajit in the battlefield, you cut off the right arm of the ruthless demon Ravana; because that was his biggest support.॥ 13-14 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥