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ramayan 6.91.1: युद्धस्थल में शत्रुओं को जीतने वाले इन्द्रजीत को मारकर रक्त से भीगे हुए शरीर वाले लक्ष्मण अत्यन्त प्रसन्न हुए॥1॥   |   ramayan सर्ग 6.91: लक्ष्मण और विभीषण आदि का श्रीरामचन्द्रजी के पास आकर इन्द्रजित के वध का समाचार सुनाना, प्रसन्न हुए श्रीराम के द्वारा लक्ष्मण को हृदय से लगाकर उनकी प्रशंसा तथा सुषेण द्वारा लक्ष्मण आदि की चिकित्सा   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 91: लक्ष्मण और विभीषण आदि का श्रीरामचन्द्रजी के पास आकर इन्द्रजित के वध का समाचार सुनाना, प्रसन्न हुए श्रीराम के द्वारा लक्ष्मण को हृदय से लगाकर उनकी प्रशंसा तथा सुषेण द्वारा लक्ष्मण आदि की चिकित्सा  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  6.91.1 
रुधिरक्लिन्नगात्रस्तु लक्ष्मण: शुभलक्षण:।
बभूव हृष्टस्तं हत्वा शत्रुजेतारमाहवे॥ १॥
 
 
अनुवाद
युद्धस्थल में शत्रुओं को जीतने वाले इन्द्रजीत को मारकर रक्त से भीगे हुए शरीर वाले लक्ष्मण अत्यन्त प्रसन्न हुए॥1॥
 
After killing Indrajit, the conqueror of the enemy, in the battlefield, Lakshman, whose body was drenched in blood, became very happy. 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)