श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 9: विभीषण का रावण से श्रीराम की अजेयता बताकर सीता को लौटा देने के लिये अनुरोध करना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  6.9.7 
तान् गृहीतायुधान् सर्वान् वारयित्वा विभीषण:।
अब्रवीत् प्राञ्जलिर्वाक्यं पुन: प्रत्युपवेश्य तान्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
उन सब राक्षसों को हाथ में शस्त्र लेकर जाने को उद्यत खड़े देखकर विभीषण ने उन्हें रोककर पुनः बैठा दिया और हाथ जोड़कर रावण से कहा-॥7॥
 
Seeing all those demons standing with weapons in their hands ready to leave, Vibhishana stopped them and made them sit down again and said to Ravana with folded hands -॥ 7॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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