श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 9: विभीषण का रावण से श्रीराम की अजेयता बताकर सीता को लौटा देने के लिये अनुरोध करना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  6.9.23 
विभीषणवच: श्रुत्वा रावणो राक्षसेश्वर:।
विसर्जयित्वा तान् सर्वान् प्रविवेश स्वकं गृहम्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
विभीषण के ये शब्द सुनकर राक्षसराज रावण ने सभी दरबारियों को विदा किया और अपने महल में चला गया।
 
On hearing these words from Vibhishana, the demon king Ravana bid farewell to all the members of the court and went to his palace.
 
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये युद्धकाण्डे नवम: सर्ग: ॥ ९ ॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके युद्धकाण्डमें नवाँ सर्ग पूरा हुआ ॥ ९ ॥
 
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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