Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.9.22: हे भाई, क्रोध का त्याग करो क्योंकि यह सुख और धर्म का नाश करता है। धर्म का पालन करो क्योंकि यह सुख और यश बढ़ाता है। हम पर प्रसन्न हो जाओ ताकि हम अपने पुत्रों और स्वजनों के साथ रह सकें। इसी भावना से मैं आपसे प्रार्थना करता हूँ कि आप मिथिला की पुत्री सीता को दशरथ पुत्र श्री राम को लौटा दें। | ramayan सर्ग 6.9: विभीषण का रावण से श्रीराम की अजेयता बताकर सीता को लौटा देने के लिये अनुरोध करना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे भाई, क्रोध का त्याग करो क्योंकि यह सुख और धर्म का नाश करता है। धर्म का पालन करो क्योंकि यह सुख और यश बढ़ाता है। हम पर प्रसन्न हो जाओ ताकि हम अपने पुत्रों और स्वजनों के साथ रह सकें। इसी भावना से मैं आपसे प्रार्थना करता हूँ कि आप मिथिला की पुत्री सीता को दशरथ पुत्र श्री राम को लौटा दें।
Brother, please give up anger because it destroys happiness and Dharma. Follow Dharma because it increases happiness and fame. Be pleased with us so that we can live with our sons and relatives. With this in mind, I request you to return Mithila's daughter Sita to Dasharath's son Shri Ram.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥