श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 9: विभीषण का रावण से श्रीराम की अजेयता बताकर सीता को लौटा देने के लिये अनुरोध करना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  6.9.15 
एतन्निमित्तं वैदेही भयं न: सुमहद् भवेत्।
आहृता सा परित्याज्या कलहार्थे कृते नु किम्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
यदि सीता का अपहरण इसी कारण हुआ है, तो उसे तुरन्त लौटा देना चाहिए; अन्यथा हम पर बड़ा संकट आ सकता है। जिस कर्म का परिणाम कलह ही हो, उसे करने से क्या लाभ?॥15॥
 
‘If this is the reason why Sita was kidnapped, then she should be returned immediately; otherwise a great danger may befall us. What is the use of doing an act whose result is only discord?॥ 15॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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