श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 9: विभीषण का रावण से श्रीराम की अजेयता बताकर सीता को लौटा देने के लिये अनुरोध करना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  6.9.14 
खरो यद्यतिवृत्तस्तु स रामेण हतो रणे।
अवश्यं प्राणिनां प्राणा रक्षितव्या यथाबलम्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
यदि यह कहा जाए कि उसने खर को मारा, तो यह सत्य नहीं है; क्योंकि खर अत्याचारी था। उसने स्वयं उसे मारने के लिए उस पर आक्रमण किया था। इसीलिए श्री राम ने युद्धभूमि में उसका वध किया; क्योंकि प्रत्येक प्राणी को अपनी शक्ति के अनुसार अपने प्राणों की रक्षा अवश्य करनी चाहिए॥ 14॥
 
‘If it is said that he killed Khara, then it is not correct; because Khara was a tyrant. He himself attacked him to kill him. That is why Shri Ram killed him on the battlefield; because every living being must protect his life as per his ability.॥ 14॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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