श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 9: विभीषण का रावण से श्रीराम की अजेयता बताकर सीता को लौटा देने के लिये अनुरोध करना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  6.9.13 
किं च राक्षसराजस्य रामेणापकृतं पुरा।
आजहार जनस्थानाद् यस्य भार्यां यशस्विन:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
‘श्री रामजी ने राक्षसराज रावण के प्रति ऐसा कौन-सा अपराध किया था, जिसके कारण उसने जनस्थान से उस महापुरुष की पत्नी का हरण किया था?॥13॥
 
‘What crime had Sri Rama committed against the demon king Ravana, due to which he abducted the wife of that illustrious saint from Janasthaan?॥ 13॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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