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ramayan 6.89.52: सारथी तो पहले ही मारा जा चुका था। जब घोड़े भी मारे गए, तब रावण का पुत्र रथ से कूद पड़ा और बाणों की वर्षा करता हुआ सुमित्रा के पुत्र की ओर बढ़ा।   |   ramayan सर्ग 6.89: विभीषण का राक्षसों पर प्रहार, उनका वानरयूथ पतियों को प्रोत्साहन देना, लक्ष्मण द्वारा इन्द्रजित के सारथि का और वानरों द्वारा उसके घोड़ों का वध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 89: विभीषण का राक्षसों पर प्रहार, उनका वानरयूथ पतियों को प्रोत्साहन देना, लक्ष्मण द्वारा इन्द्रजित के सारथि का और वानरों द्वारा उसके घोड़ों का वध  »  श्लोक 52
 
 
श्लोक  6.89.52 
स हताश्वादवप्लुत्य रथान्मथितसारथि:।
शरवर्षेण सौमित्रिमभ्यधावत रावणि:॥ ५२॥
 
 
अनुवाद
सारथी तो पहले ही मारा जा चुका था। जब घोड़े भी मारे गए, तब रावण का पुत्र रथ से कूद पड़ा और बाणों की वर्षा करता हुआ सुमित्रा के पुत्र की ओर बढ़ा।
 
The charioteer had already been killed. When the horses were also killed, then Ravana's son jumped from the chariot and proceeded towards Sumitra's son showering arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)