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ramayan 6.89.46: युद्धभूमि में अपने सारथी को मारा गया देखकर रावण के पुत्र ने युद्ध के प्रति अपना उत्साह त्याग दिया। वह शोक में डूब गया।   |   ramayan सर्ग 6.89: विभीषण का राक्षसों पर प्रहार, उनका वानरयूथ पतियों को प्रोत्साहन देना, लक्ष्मण द्वारा इन्द्रजित के सारथि का और वानरों द्वारा उसके घोड़ों का वध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 89: विभीषण का राक्षसों पर प्रहार, उनका वानरयूथ पतियों को प्रोत्साहन देना, लक्ष्मण द्वारा इन्द्रजित के सारथि का और वानरों द्वारा उसके घोड़ों का वध  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  6.89.46 
निहतं सारथिं दृष्ट्वा समरे रावणात्मज:।
प्रजहौ समरोद्धर्षं विषण्ण: स बभूव ह॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
युद्धभूमि में अपने सारथी को मारा गया देखकर रावण के पुत्र ने युद्ध के प्रति अपना उत्साह त्याग दिया। वह शोक में डूब गया।
 
On seeing his charioteer killed in the battle-field, Ravana's son gave up his enthusiasm for war. He was drowned in sorrow.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)