Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.89.45: सुमित्रकुमार लक्ष्मण ने शीघ्रतापूर्वक उन छिद्रों (बाणों के अवसर) में हाथ डालकर युद्धस्थल में निर्भय होकर विचरण करने वाले इन्द्रजित को अपने बाणों के समूहों से बड़ी पीड़ा पहुँचाई॥45॥ | ramayan सर्ग 6.89: विभीषण का राक्षसों पर प्रहार, उनका वानरयूथ पतियों को प्रोत्साहन देना, लक्ष्मण द्वारा इन्द्रजित के सारथि का और वानरों द्वारा उसके घोड़ों का वध । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सुमित्रकुमार लक्ष्मण ने शीघ्रतापूर्वक उन छिद्रों (बाणों के अवसर) में हाथ डालकर युद्धस्थल में निर्भय होकर विचरण करने वाले इन्द्रजित को अपने बाणों के समूहों से बड़ी पीड़ा पहुँचाई॥45॥
Sumitra Kumar Lakshmana, who quickly moved his hands through those holes (opportunities for arrow strikes), caused great pain to Indrajit, who was moving fearlessly in the battle field, with his clusters of arrows. 45॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥