Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.89.32-33h: लक्ष्मण रावण के पुत्र के पास पहुँचे और रावण का पुत्र लक्ष्मण के पास गया और दोनों आपस में लड़ने लगे। इस प्रकार जब वे एक-दूसरे पर आक्रमण करने लगे, तो भयंकर अराजकता फैल गई। हर क्षण यह निर्णय करना कठिन हो गया कि अमुक जीतेगा या अमुक हारेगा। | ramayan सर्ग 6.89: विभीषण का राक्षसों पर प्रहार, उनका वानरयूथ पतियों को प्रोत्साहन देना, लक्ष्मण द्वारा इन्द्रजित के सारथि का और वानरों द्वारा उसके घोड़ों का वध । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
लक्ष्मण रावण के पुत्र के पास पहुँचे और रावण का पुत्र लक्ष्मण के पास गया और दोनों आपस में लड़ने लगे। इस प्रकार जब वे एक-दूसरे पर आक्रमण करने लगे, तो भयंकर अराजकता फैल गई। हर क्षण यह निर्णय करना कठिन हो गया कि अमुक जीतेगा या अमुक हारेगा।
Lakshmana reached near Ravana's son and Ravana's son went near Lakshmana and both of them started fighting with each other. In this way, when they started attacking each other, a terrible chaos was created. It became difficult to decide every moment whether so and so would win or lose. 32 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥