Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.89.28-29h: वे महाबली योद्धा बाणों का जाल बिछाकर एक-दूसरे को बार-बार ढकने लगे, जैसे वर्षा ऋतु में शक्तिशाली चन्द्रमा और सूर्य बादलों से ढक जाते हैं। | ramayan सर्ग 6.89: विभीषण का राक्षसों पर प्रहार, उनका वानरयूथ पतियों को प्रोत्साहन देना, लक्ष्मण द्वारा इन्द्रजित के सारथि का और वानरों द्वारा उसके घोड़ों का वध । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे महाबली योद्धा बाणों का जाल बिछाकर एक-दूसरे को बार-बार ढकने लगे, जैसे वर्षा ऋतु में शक्तिशाली चन्द्रमा और सूर्य बादलों से ढक जाते हैं।
Those mighty warriors spread out a net of arrows and covered each other time and again. Just like the powerful moon and sun get covered by clouds during the rainy season.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥