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ramayan 6.89.26-27h: शत्रु योद्धाओं का संहार करने वाले पराक्रमी इन्द्रजित ने अपने मामा को घोर युद्ध करने का अवसर देकर पुनः लक्ष्मण पर आक्रमण किया ॥26 1/2॥   |   ramayan सर्ग 6.89: विभीषण का राक्षसों पर प्रहार, उनका वानरयूथ पतियों को प्रोत्साहन देना, लक्ष्मण द्वारा इन्द्रजित के सारथि का और वानरों द्वारा उसके घोड़ों का वध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 89: विभीषण का राक्षसों पर प्रहार, उनका वानरयूथ पतियों को प्रोत्साहन देना, लक्ष्मण द्वारा इन्द्रजित के सारथि का और वानरों द्वारा उसके घोड़ों का वध  »  श्लोक 26-27h
 
 
श्लोक  6.89.26-27h 
स दत्त्वा तुमुलं युद्धं पितृव्यस्येन्द्रजिद् बली॥ २६॥
लक्ष्मणं परवीरघ्न: पुनरेवाभ्यधावत।
 
 
अनुवाद
शत्रु योद्धाओं का संहार करने वाले पराक्रमी इन्द्रजित ने अपने मामा को घोर युद्ध करने का अवसर देकर पुनः लक्ष्मण पर आक्रमण किया ॥26 1/2॥
 
The mighty Indrajit, who killed the enemy warriors, gave an opportunity to his uncle to fight a fierce battle and again attacked Lakshmana. 26 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)