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ramayan 6.89.23: वे युद्धभूमि में राक्षस सेना के संहारक जाम्बवान पर बाणों, तीक्ष्ण कुल्हाड़ियों, भालों, गदाओं और गदाओं से आक्रमण करने लगे।   |   ramayan सर्ग 6.89: विभीषण का राक्षसों पर प्रहार, उनका वानरयूथ पतियों को प्रोत्साहन देना, लक्ष्मण द्वारा इन्द्रजित के सारथि का और वानरों द्वारा उसके घोड़ों का वध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 89: विभीषण का राक्षसों पर प्रहार, उनका वानरयूथ पतियों को प्रोत्साहन देना, लक्ष्मण द्वारा इन्द्रजित के सारथि का और वानरों द्वारा उसके घोड़ों का वध  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  6.89.23 
शरै: परशुभिस्तीक्ष्णै: पट्टिशैर्यष्टितोमरै:।
जाम्बवन्तं मृधे जघ्नुर्निघ्नन्तं राक्षसीं चमूम्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
वे युद्धभूमि में राक्षस सेना के संहारक जाम्बवान पर बाणों, तीक्ष्ण कुल्हाड़ियों, भालों, गदाओं और गदाओं से आक्रमण करने लगे।
 
They began to attack Jambavan, the destroyer of the demon army, on the battlefield with arrows, sharp axes, spears, clubs and maces.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)