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ramayan 6.89.20: फिर वे सिंह के समान शक्तिशाली वानर बार-बार दहाड़ने लगे और तरह-तरह की आवाजें निकालने लगे, जैसे मोर बादलों को देखकर बोलने लगते हैं।   |   ramayan सर्ग 6.89: विभीषण का राक्षसों पर प्रहार, उनका वानरयूथ पतियों को प्रोत्साहन देना, लक्ष्मण द्वारा इन्द्रजित के सारथि का और वानरों द्वारा उसके घोड़ों का वध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 89: विभीषण का राक्षसों पर प्रहार, उनका वानरयूथ पतियों को प्रोत्साहन देना, लक्ष्मण द्वारा इन्द्रजित के सारथि का और वानरों द्वारा उसके घोड़ों का वध  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  6.89.20 
ततस्तु कपिशार्दूला: क्ष्वेडन्तश्च पुन: पुन:।
मुमुचुर्विविधान् नादान् मेघान् दृष्ट्वेव बर्हिण:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
फिर वे सिंह के समान शक्तिशाली वानर बार-बार दहाड़ने लगे और तरह-तरह की आवाजें निकालने लगे, जैसे मोर बादलों को देखकर बोलने लगते हैं।
 
Then those monkeys, as powerful as lions, began roaring repeatedly and making various sounds, just as peacocks begin to speak on seeing the clouds.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)