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ramayan 6.89.16: 'हे वानरों! अब राक्षसों की सेना इतनी ही बची है, जिसे तुम्हें हराना है। अपने बल पर गर्व करने वाले लगभग सभी राक्षस तुमसे युद्ध करके मारे जा चुके हैं।'   |   ramayan सर्ग 6.89: विभीषण का राक्षसों पर प्रहार, उनका वानरयूथ पतियों को प्रोत्साहन देना, लक्ष्मण द्वारा इन्द्रजित के सारथि का और वानरों द्वारा उसके घोड़ों का वध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 89: विभीषण का राक्षसों पर प्रहार, उनका वानरयूथ पतियों को प्रोत्साहन देना, लक्ष्मण द्वारा इन्द्रजित के सारथि का और वानरों द्वारा उसके घोड़ों का वध  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  6.89.16 
एतावदेव शेषं वो जेतव्यमिति वानरा:।
हता: सर्वे समागम्य राक्षसा बलदर्पिता:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
'हे वानरों! अब राक्षसों की सेना इतनी ही बची है, जिसे तुम्हें हराना है। अपने बल पर गर्व करने वाले लगभग सभी राक्षस तुमसे युद्ध करके मारे जा चुके हैं।'
 
‘O monkeys! Only this much of the demon army is left, which you have to defeat. Almost all the demons who were proud of their strength have been killed after fighting with you.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)