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श्लोक 6.88.76  |
तयोरथ महान् कालो व्यतीयाद् युध्यमानयो:।
न च तौ युद्धवैमुख्यं श्रमं चाप्यभिजग्मतु:॥ ७६॥ |
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| अनुवाद |
| इस प्रकार दोनों ने युद्ध करते हुए बहुत समय व्यतीत कर दिया; किन्तु न तो वे युद्ध से विमुख हुए और न ही उन्हें थकान महसूस हुई। |
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| In this manner both of them spent a lot of time fighting; but neither did they turn away from the battle nor did they feel tired. |
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