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ramayan 6.88.68: युद्ध में उनके द्वारा छोड़े गए सुनहरे पंख वाले बाण एक-दूसरे के शरीर पर पड़ते, रक्त से लथपथ होकर बाहर आते और भूमि में धंस जाते।   |   ramayan सर्ग 6.88: लक्ष्मण और इन्द्रजित की परस्पर रोषभरी बातचीत और घोर युद्ध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.88.68 
ते गात्रयोर्निपतिता रुक्मपुंखा: शरा युधि।
असृग्दिग्धा विनिष्पेतुर्विविशुर्धरणीतलम्॥ ६८॥
 
 
अनुवाद
युद्ध में उनके द्वारा छोड़े गए सुनहरे पंख वाले बाण एक-दूसरे के शरीर पर पड़ते, रक्त से लथपथ होकर बाहर आते और भूमि में धंस जाते।
 
The golden-feathered arrows shot by them in the battle would fall on each other's bodies, come out soaked in blood and sink into the ground.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)