Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.88.55: कवच कट जाने पर वीर इन्द्रजित् के शरीर के सभी अंग योद्धाओं के प्रहार से घायल हो गए और वह समरांगण में रक्त से सना हुआ प्रातःकालीन सूर्य के समान दिखाई देने लगा ॥55॥ | ramayan सर्ग 6.88: लक्ष्मण और इन्द्रजित की परस्पर रोषभरी बातचीत और घोर युद्ध । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विधूतवर्मा नाराचैर्बभूव स कृतव्रण:।
इन्द्रजित् समरे वीर: प्रत्यूषे भानुमानिव॥ ५५॥
अनुवाद
कवच कट जाने पर वीर इन्द्रजित् के शरीर के सभी अंग योद्धाओं के प्रहार से घायल हो गए और वह समरांगण में रक्त से सना हुआ प्रातःकालीन सूर्य के समान दिखाई देने लगा ॥55॥
After the armor was cut, brave Indrajit got wounds in all his body parts due to the attack of the warriors. He became visible like the early morning sun, stained with blood in Samarangana. 55॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥