श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 88: लक्ष्मण और इन्द्रजित की परस्पर रोषभरी बातचीत और घोर युद्ध  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  6.88.39 
विवर्णवदनं दृष्ट्वा राक्षसं रावणात्मजम्।
सौमित्रिं युद्धसंयुक्तं प्रत्युवाच विभीषण:॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
रावणकुमार इन्द्रजित् का उदास मुख देखकर विभीषण ने युद्ध में तत्पर सुमित्रकुमार से कहा- 39॥
 
Seeing the sad face of Ravana Kumar Indrajit, Vibhishana said to Sumitra Kumar who was engaged in war - 39॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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