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ramayan 6.88.38: धनुष की टंकार सुनकर राक्षसराज इंद्रजीत उदास हो गया और चुपचाप लक्ष्मण की ओर देखने लगा।   |   ramayan सर्ग 6.88: लक्ष्मण और इन्द्रजित की परस्पर रोषभरी बातचीत और घोर युद्ध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.88.38 
तस्य ज्यातलनिर्घोषं स श्रुत्वा राक्षसाधिप:।
विवर्णवदनो भूत्वा लक्ष्मणं समुदैक्षत॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
धनुष की टंकार सुनकर राक्षसराज इंद्रजीत उदास हो गया और चुपचाप लक्ष्मण की ओर देखने लगा।
 
Hearing the twanging sound emanating from the string of his bow, the demon king Indrajit became sad-faced and silently looked towards Lakshmana.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)