Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.88.25: हे सुमित्रापुत्र! तुम्हारा कवच फिसलकर भूमि पर गिर पड़ेगा, तुम्हारा धनुष भी छूट जाएगा और तुम्हारा सिर भी धड़ से अलग हो जाएगा। ऐसी स्थिति में राम आज तुम्हें मेरे हाथों मारा हुआ देखेंगे।॥25॥ | ramayan सर्ग 6.88: लक्ष्मण और इन्द्रजित की परस्पर रोषभरी बातचीत और घोर युद्ध । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे सुमित्रापुत्र! तुम्हारा कवच फिसलकर भूमि पर गिर पड़ेगा, तुम्हारा धनुष भी छूट जाएगा और तुम्हारा सिर भी धड़ से अलग हो जाएगा। ऐसी स्थिति में राम आज तुम्हें मेरे हाथों मारा हुआ देखेंगे।॥25॥
O son of Sumitra! Your armour will slip and fall on the ground, your bow will also be thrown away and your head will also be separated from the body. In this condition, Rama will see you killed by my hands today.'॥ 25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥