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श्लोक  6.88.24 
क्षत्रबन्धुं सदानार्यं राम: परमदुर्मति:।
भक्तं भ्रातरमद्यैव त्वां द्रक्ष्यति हतं मया॥ २४॥
 
 
अनुवाद
हे राम! तुम जो अत्यन्त दुष्ट बुद्धि वाले हो, आज ही मेरे द्वारा एक आर्य, क्षत्रिय सदृश व्यक्ति तथा अपने भक्त भाई को मारा हुआ देखोगे।
 
O Rama, you who have the most evil mind, will see an Aryan, a Kshatriya-like person and your devotee brother like you killed by me today itself.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)