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ramayan 6.86.31: दुर्मते! अपनी भुजाओं से मेरे साथ युद्ध करो। यदि तुम इस शस्त्रयुद्ध में मेरे वेग को सहन करोगे, तो तुम दैत्यों में श्रेष्ठ योद्धा माने जाओगे। 31॥   |   ramayan सर्ग 6.86: वानरों और राक्षसों का युद्ध, हनुमान्जी के द्वारा राक्षस सेना का संहार और उनका इन्द्रजित को द्वन्द्वयुद्ध के लिये ललकारना तथा लक्ष्मण का उसे देखना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 86: वानरों और राक्षसों का युद्ध, हनुमान्जी के द्वारा राक्षस सेना का संहार और उनका इन्द्रजित को द्वन्द्वयुद्ध के लिये ललकारना तथा लक्ष्मण का उसे देखना  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  6.86.31 
बाहुभ्यां सम्प्रयुध्यस्व यदि मे द्वन्द्वमाहवे।
वेगं सहस्व दुर्बुद्धे ततस्त्वं रक्षसां वर:॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
दुर्मते! अपनी भुजाओं से मेरे साथ युद्ध करो। यदि तुम इस शस्त्रयुद्ध में मेरे वेग को सहन करोगे, तो तुम दैत्यों में श्रेष्ठ योद्धा माने जाओगे। 31॥
 
Durmate! Fight with me with your arms. If you bear my speed in this armed battle, you will be considered the best warrior among the demons. 31॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)