Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.86.21: जो राक्षस चमकते हुए भाले लिये हुए थे, वे अपने भालों से, जो हाथ में तलवार लिये हुए थे, वे अपनी तलवारों से, जो शक्तिशाली हथियार लिये हुए थे, वे अपनी शक्तियों से, और जो राक्षस कमरबन्द लिये हुए थे, वे अपनी कमरबन्दों से उन पर आक्रमण करने लगे। 21. | ramayan सर्ग 6.86: वानरों और राक्षसों का युद्ध, हनुमान्जी के द्वारा राक्षस सेना का संहार और उनका इन्द्रजित को द्वन्द्वयुद्ध के लिये ललकारना तथा लक्ष्मण का उसे देखना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शितशूलधरा: शूलैरसिभिश्चासिपाणय:।
शक्तिहस्ताश्च शक्तीभि: पट्टिशै: पट्टिशायुधा: ॥ २ १॥
अनुवाद
जो राक्षस चमकते हुए भाले लिये हुए थे, वे अपने भालों से, जो हाथ में तलवार लिये हुए थे, वे अपनी तलवारों से, जो शक्तिशाली हथियार लिये हुए थे, वे अपनी शक्तियों से, और जो राक्षस कमरबन्द लिये हुए थे, वे अपनी कमरबन्दों से उन पर आक्रमण करने लगे। 21.
The demons holding shining spears began to attack them with their spears, those holding swords in their hands with their swords, those holding powerful weapons with their powers, and the demons holding sashes with their sashes. 21.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥