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ramayan 6.86.13: प्रधान विशाल, बलवान रीछ और वानरों से युद्ध करते हुए राक्षसगण अत्यन्त भयभीत हो गए ॥13॥   |   ramayan सर्ग 6.86: वानरों और राक्षसों का युद्ध, हनुमान्जी के द्वारा राक्षस सेना का संहार और उनका इन्द्रजित को द्वन्द्वयुद्ध के लिये ललकारना तथा लक्ष्मण का उसे देखना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 86: वानरों और राक्षसों का युद्ध, हनुमान्जी के द्वारा राक्षस सेना का संहार और उनका इन्द्रजित को द्वन्द्वयुद्ध के लिये ललकारना तथा लक्ष्मण का उसे देखना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  6.86.13 
ऋक्षवानरमुख्यैश्च महाकायैर्महाबलै:।
रक्षसां युध्यमानानां महद्भयमजायत॥ १३॥
 
 
अनुवाद
प्रधान विशाल, बलवान रीछ और वानरों से युद्ध करते हुए राक्षसगण अत्यन्त भयभीत हो गए ॥13॥
 
Battling with the main huge, powerful bears and monkeys, the demons became very afraid. ॥13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)