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ramayan 6.86.11: भयंकर मुख और भुजाओं वाले राक्षस नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों से वानर योद्धाओं पर आक्रमण करने लगे, जिससे उनमें बड़ा भय उत्पन्न हो गया॥11॥   |   ramayan सर्ग 6.86: वानरों और राक्षसों का युद्ध, हनुमान्जी के द्वारा राक्षस सेना का संहार और उनका इन्द्रजित को द्वन्द्वयुद्ध के लिये ललकारना तथा लक्ष्मण का उसे देखना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 86: वानरों और राक्षसों का युद्ध, हनुमान्जी के द्वारा राक्षस सेना का संहार और उनका इन्द्रजित को द्वन्द्वयुद्ध के लिये ललकारना तथा लक्ष्मण का उसे देखना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  6.86.11 
राक्षसा वानरेन्द्रेषु विकृताननबाहव:।
निवेशयन्त: शस्त्राणि चक्रुस्ते सुमहद्भयम्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
भयंकर मुख और भुजाओं वाले राक्षस नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों से वानर योद्धाओं पर आक्रमण करने लगे, जिससे उनमें बड़ा भय उत्पन्न हो गया॥11॥
 
The demons with fierce faces and arms attacked the monkey warriors with various kinds of weapons, causing great fear to them. ॥11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)