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ramayan 6.85.35: उस समय वहां पराक्रमी राजकुमार लक्ष्मण के साथ विभीषण, वीर अंगद और पवनपुत्र हनुमान भी थे।   |   ramayan सर्ग 6.85: विभीषण के अनुरोध से श्रीरामचन्द्रजी का लक्ष्मण को इन्द्रजित के वध के लिये जाने की आज्ञा देना और सेना सहित लक्ष्मण का निकुम्भिला-मन्दिर के पास पहुँचना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 85: विभीषण के अनुरोध से श्रीरामचन्द्रजी का लक्ष्मण को इन्द्रजित के वध के लिये जाने की आज्ञा देना और सेना सहित लक्ष्मण का निकुम्भिला-मन्दिर के पास पहुँचना  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  6.85.35 
विभीषणेन सहितो राजपुत्र: प्रतापवान्।
अङ्गदेन च वीरेण तथानिलसुतेन च॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
उस समय वहां पराक्रमी राजकुमार लक्ष्मण के साथ विभीषण, वीर अंगद और पवनपुत्र हनुमान भी थे।
 
At that time, along with the mighty Prince Lakshmana, there were also Vibhishan, the brave Angad and the son of the wind, Hanuman.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)