vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 6: युद्ध काण्ड
»
सर्ग 85: विभीषण के अनुरोध से श्रीरामचन्द्रजी का लक्ष्मण को इन्द्रजित के वध के लिये जाने की आज्ञा देना और सेना सहित लक्ष्मण का निकुम्भिला-मन्दिर के पास पहुँचना
»
श्लोक 31
श्लोक
6.85.31
वानराणां सहस्रैस्तु हनूमान् बहुभिर्वृत:।
विभीषणश्च सामात्यो लक्ष्मणं त्वरितं ययौ॥ ३१॥
अनुवाद
हजारों वानर योद्धाओं के साथ हनुमान्जी और मंत्रियों सहित विभीषण भी शीघ्रतापूर्वक लक्ष्मण के पीछे चले॥31॥
Hanuman along with thousands of monkey warriors and Vibhishana along with his ministers quickly followed Lakshman. 31॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×