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ramayan 6.85.16: इसलिए हे प्रभु! आप महाबली लक्ष्मण को आदेश दीजिए कि वह इंद्रजीत का वध कर दे। उसके मरने पर रावण को उसके मित्रों सहित मरा हुआ समझिए।   |   ramayan सर्ग 6.85: विभीषण के अनुरोध से श्रीरामचन्द्रजी का लक्ष्मण को इन्द्रजित के वध के लिये जाने की आज्ञा देना और सेना सहित लक्ष्मण का निकुम्भिला-मन्दिर के पास पहुँचना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 85: विभीषण के अनुरोध से श्रीरामचन्द्रजी का लक्ष्मण को इन्द्रजित के वध के लिये जाने की आज्ञा देना और सेना सहित लक्ष्मण का निकुम्भिला-मन्दिर के पास पहुँचना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  6.85.16 
वधायेन्द्रजितो राम संदिशस्व महाबलम्।
हते तस्मिन् हतं विद्धि रावणं ससुहृद‍्गणम्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
इसलिए हे प्रभु! आप महाबली लक्ष्मण को आदेश दीजिए कि वह इंद्रजीत का वध कर दे। उसके मरने पर रावण को उसके मित्रों सहित मरा हुआ समझिए।
 
That's why Shri Ram! You order the mighty Lakshman to kill Indrajit. After his death, consider Ravana dead along with his friends.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)