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ramayan 6.84.19: ये महामानव लक्ष्मण अपने तीखे बाणों से रावणकुमार का वध करके उसे उस पवित्र कर्तव्य का परित्याग करने पर विवश कर देंगे। इससे उसका वध हो सकेगा। 19॥   |   ramayan सर्ग 6.84: विभीषण का श्रीराम को इन्द्रजित की माया का रहस्य बताकर सीता के जीवित होने का विश्वास दिलाना और लक्ष्मण को सेना सहित निकुम्भिला-मन्दिर में भेजने के लिये अनुरोध करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 84: विभीषण का श्रीराम को इन्द्रजित की माया का रहस्य बताकर सीता के जीवित होने का विश्वास दिलाना और लक्ष्मण को सेना सहित निकुम्भिला-मन्दिर में भेजने के लिये अनुरोध करना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  6.84.19 
एष तं नरशार्दूलो रावणिं निशितै: शरै:।
त्याजयिष्यति तत्कर्म ततो वध्यो भविष्यति॥ १९॥
 
 
अनुवाद
ये महामानव लक्ष्मण अपने तीखे बाणों से रावणकुमार का वध करके उसे उस पवित्र कर्तव्य का परित्याग करने पर विवश कर देंगे। इससे उसका वध हो सकेगा। 19॥
 
This great human being, Lakshman, will kill Ravana Kumar with his sharp arrows and force him to give up that sacred duty. With this he can be killed. 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)